Posted in

Tu Yaa Main Movie Review (2026) – Crocodile Survival Thriller ya Valentine Trap?

Tu Yaa Main Movie Review 2026 romantic Bollywood film

हम सबके बचपन का सबसे बड़ा डर एक ऐसा सिनेमा जो ना तो हॉरर था और ना ही भूतिया फिर भी नाम सुनते ही पेट दर्द हो जाता था। खून भरी मांग आज भी ये शब्द अपने साथ उस डरावने जानवर का चेहरा ले आते हैं जिसने रेखा के साथ फिल्म में जो किया वो कोई भूत भी नहीं कर सकता और जब बॉलीवुड में धीरे-धीरे सबका कमबैक हो ही रहा है तो क्यों ना मगरमच्छ को भी एक मौका दिया जाए 2026 में 90ज के डर को एंजॉय किया जाए। तू या मैं कहने के लिए यह फिल्म वैलेंटाइन स्पेशल है। लेकिन एक्चुअली में सर्वाइवल थ्रिलर है। प्यार इश्क मोहब्बत गया तेल लेने। जान बचा के भागना पड़ेगा। दोस्त

विजय नाम की फिल्म है जिनको मैं इंडिया का सबसे अनलकी डायरेक्टर मानती हूं। ऐसा सिनेमा बनाते हैं जो बॉलीवुड को हॉलीवुड जैसा फील कराता है। लेकिन रिस्पेक्ट जीरो। सारी मूवीज स्टाइलिश होती हैं। उसके एक्टर्स टोटल अंडररेटेड और बिजॉय नाम का म्यूजिक छुपा हुआ खजाना। इस फिल्म का भी एक सॉन्ग है जो पक्का वायरल होगा। तो इस बार एक फेमस थाई फिल्म का ऑफिशियल हिंदी रीमेक लेके आए हैं। हम तुम एक कमरे में बंद हो और अंदर मगरमच्छा जाए। हुआ ना हॉलीवुड जैसा फील। मुंबई की कहानी है। तेज दिमाग छोकरे के साथ सोशल मीडिया की रानी है। अमीरी गरीबी का अंतर है।

लेकिन उस पैसे का क्या फायदा जिसने इश्क उसकी कीमत से किया। वाह वाह। जब लड़का लड़की राजी तो क्या ही कर लेगा काजी। गोवा की ट्रिप फाइनल होती है, लेकिन बाइक अचानक बीच में खराब होती है और दोनों की रात एक सुनसान होटल में गुजरती है। अरे अरे यह कोई बी ग्रेट ग्लैमर टाइप सिनेमा नहीं है और ना ही वीराना जैसा सुंदरी वर्सेस भूतनी टू इन वन सस्पेंस मिलेगा। मिलेगा तो बस खून भरी मांग का वर्जन 2.0, एक लड़का, एक लड़की, एक प्यारा सा कुत्ता और इन सबका शिकार करने वाला एक सुंदर मगरमच्छ। और खून भरी मांग का मेन विलेन चारों तरफ फैला पानी इसको कैसे भूल सकते हो?

अब या तो डूब जाओगे या तो मगरमच्छ के पेट में जाओगे। जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ 20 फीट की दूरी है। एक तरफ प्यार दूसरी तरफ मौत। बॉलीवुड के तो सबसे पसंदीदा सब्जेक्ट लेकिन इन दोनों के बीच में है सर्वाइवल जिंदा रहने की आखिरी कोशिश। यह फिल्म नहीं चलता फिरता हार्ट अटैक है। लेकिन जो बाहर से इतना सिंपल दिखता है उसके पीछे एक बहुत गहरा डीप मीनिंग है। पहले जंगल कटे, फिर जमीन हथिया लिया और अब तो पानी पर घर बना लिया। शुक्र है फिलहाल सिर्फ मगरमच्छ आया है। अगली बार शायद हिरण, भालू या फिर शेर नए घर की तलाश में आएगा और कोई इंसान उसका ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर बन जाएगा।

अब जो खुल के मैं आपको नहीं बता सकती वो यह कि फिल्म में एक के अंदर दूसरा, दूसरे के अंदर तीसरा और इस तरीके से टोटल छह सात ट्विस्ट आएंगे जो दोनों कैरेक्टर्स को मौत के बेहद करीब ले जाएंगे। 2ाई घंटे की फिल्म है जिसमें शुरुआत के 40 मिनट इश्क मोहब्बत वैलेंटाइन जैसा फील कराते हैं। बट सेकंड हाफ में सिर्फ यह लोग मगरमच्छ से अपनी जान बचाते हैं। फिल्म का एक्स फैक्टर है इसका क्लाइमेक्स। लास्ट के 2025 मिनट वहां थ्रिल आएगा। एक्साइटमेंट फील होगा। लेकिन उसके अलावा फिल्म थोड़ी स्लो है और ज्यादा कैरेक्टर्स नहीं है तो दिमाग बोर हो सकता है। एक्सपेरिमेंटल टाइप सिनेमा है

जो हर किसी को ना तो पसंद आएगा और ना ही समझ आएगा। ऊपर से रीमेक भी है तो कुछ अलग करने का क्रेडिट भी नहीं दे सकते। अब क्या शनाया कपूर की बुराई सुनना चाहते हो? नहीं कर सकते। लड़की सीख रही है। धीरे-धीरे बॉलीवुड में फिट हो रही है। लेकिन जब मुंह बंद रहता है तो एक्टिंग ज्यादा अच्छा लगता है। आदर्श गौरव तो सुपर अंडररेटेड है भाई। एक मामूली सीन को सिर्फ अपनी आवाज से खास बना सकता है। इस फिल्म में कई बार मौत को टक से छू के वापस लौट के आने में बड़ा मजा आता है। पांच में से दो स्टार्स मिलेंगे।

पहला क्रोकोडाइल वर्सेस ह्यूमन का फेस ऑफ और क्लाइमेक्स में जिस तरीके से यह लड़ाई खत्म हुई मजा आ गया। दूसरा नकल के लिए भी अकल चाहिए होती है। बिजॉय नाम का डायरेक्शन एक्साइटिंग है। फ्रेश है। म्यूजिक तो आउट ऑफ सिलेबस। नेगेटिव्स थोड़ा प्रेडिक्टेबल एंडिंग दूसरा स्टोरी में ज्यादा डिटेल्स नहीं है और तीसरा रीमेक पुरानी कहानी को दोबारा क्यों बनाना नए दिमाग में दिमाग लगाना आगे आपकी मर्जी और आपके वैलेंटाइन की थिएटर जाना है या घर पर ही खून भरी मांग सजाना है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *